मैन बुकर पुरस्कार प्राप्त करने वाले भारतीय लेखकों के नाम और उनकी पुस्तकों की सूची

मैन बुकर पुरस्कार प्राप्तकर्ता भारतीय लेखक व उनकी पुस्तकें: (Man Booker Prize Winner Indian Authors List in Hindi)

मैन बुकर पुरस्कार किसे कहते है?

मैन बुकर पुरस्कार जिसे लघु रूप में मैन बुकर पुरस्कार या बुकर पुरस्कार भी कहा जाता है, राष्ट्रकुल (कॉमनवैल्थ) या आयरलैंड के नागरिक द्वारा लिखे गए मौलिक अंग्रेजी उपन्यास के लिए हर वर्ष दिया जाता है। वर्ष 2015 में दो भारतीय लेखकों अनुराधा रॉय और ब्रिटिश-भारतीय संजीव सहोता को मैन बुकर पुरस्कार दिया गया था। लेखिका अनुराधा रॉय को उनके तीसरे उपन्यास ‘स्लीपिंग ऑन जूपिटर’ और संजीव सहोता को ‘द इयर ऑफ रनवेज’ के लिए चुना गया। अनुराधा रॉय और संजीव सहोता को मिलाकर कुल 7 बार यह पुरस्कार भारतीय मूल के लेखकों को मिला है (अन्य लेखक: वी. एस. नाइपॉल, अरुंधति राय, सलमान रश्दी किरण देसाई और अरविन्द अडिग)।

Quick Info About Man Booker Prize in Hindi:

पुरस्कार का वर्ग लेखन
स्थापना वर्ष 1969
पुरस्कार राशि 60 हज़ार पाउण्ड
प्रथम विजेता इस्माइल कादरे
आखिरी विजेता जॉर्ज सॉन्डर्स (2017)

बुकर पुरस्कार से सम्बंधित महत्वपूर्ण तथ्य:

  • बुकर पुरस्कार की स्थापना सन् 1969 में इंगलैंड की बुकर मैकोनल कंपनी द्वारा की गई थी।
  • बुकर पुरस्कार में 60 हज़ार पाउण्ड की राशि विजेता लेखक को दी जाती है।
  • पहला मैन बुकर पुरस्कार अलबानिया के उपन्यासकार इस्माइल कादरे को दिया गया था।
  • मैन बुकर पुरस्कार को साहित्य के क्षेत्र में ऑस्कर पुरस्कार के समान माना जाता है।
  • अब तक 7 भारतीय लेखकों को बुकर पुरस्कार मिला है।
  • वर्ष 2015 में दो भारतीय लेखकों अनुराधा रॉय और संजीव सहोता को मैन बुकर पुरस्कार दिया गया था।

यहाँ हम आपको भारतीय उपन्यासकारों के बारे में बता रहे हैं जिन्होनें बुकर पुरस्कार जीता या जिनका नाम बुकर्स पुरस्कार की संक्षिप्त सूची में शामिल हुआ। प्रख्यात भारतीय अनीता देसाई को न सिर्फ एक बार बल्कि तीन बार बुकर्स पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया। पहली बार 1980 में विभाजन के बाद उनके उपन्यास “क्लीयर लाइट ऑफ डे” के लिए चुना गया। 1984 में “इन कस्टडी” के लिए जिस पर 1993 में एक फिल्म भी बनी थी।

मैन बुकर पुरस्कार से सम्मानित भारतीय लेखकों की सूची:

  • वी. एस. नायपॉल: प्रसिद्ध उपन्यासकार वी. एस. नायपॉल ये मुख्य रूप से भारत के नहीं हैं परंतु मूल रूप से वे भारतीय ही है। वी. एस. नायपॉल को वर्ष 1971 में “इन अ फ्री स्टेट” के लिए मैन बुकर पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 1979 में “अ बैंड इन द रिवर” के लिए उन्हें पुन: शॉर्टलिस्ट किया गया।
  • अनीता देसाई: प्रख्यात भारतीय लेखिका अनीता देसाई को न सिर्फ एक बार बल्कि तीन बार बुकर्स पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया। पहली बार 1980 में विभाजन के बाद उनके उपन्यास “क्लीयर लाइट ऑफ डे” के लिए चुना गया। 1984 में “इन कस्टडी” के लिए जिस पर 1993 में एक फिल्म भी बनी थी। तीसरी और अंतिम बार 1999 में उनके द्विसांस्कृतिक उपन्यास “फास्टिंग, फीस्टिंग” के लिए चुना गया था।  भारत सरकार ने अनीता देसाई को पद्मश्री और 2014 में पद्म भूषण अलंकरण से सम्मानित किया।
  • सर अहमद सलमान रुश्दी: प्रसिद्ध ब्रिटिश भारतीय उपन्यासकार और निबंधकार सलमान रश्दी ने न केवल चार बार बुकर के लिए चुने गए हैं बल्कि उन्होंने “बुकर ऑफ बुकर्स” और “द बेस्ट ऑफ द बुकर” भी जीता है। सलमान रश्दी को वर्ष 1981 में उनके उपन्यास ” मिड नाईट चिल्ड्रन ” के लिए मैन बुकर पुरस्कार से सम्मानित किया गया। “शेम” (1983), “द सैटेनिक वर्सेस”(1988) और “द मूर्स लास्ट साय” (1995) अन्य उपन्यास थे जिनके कारण वे फ़ाइनल सूची में शामिल हुए।
  • रोहिंतों मिस्त्री: प्रख्यात भारतीय कैनेडियन उपन्यासकार रोहिंतों मिस्त्री ने केवल तीन उपन्यास लिखे हैं, और तीनों बार बुकर्स के लिए नामांकित हुए हैं। “सच अ लांग जर्नी” जो 1991 में सूची में शामिल हुआ था वह अधिक चर्चा में रहा जब बाल ठाकरे की शिकायत पर इसे मुंबई विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम से निकाल दिया गया था। दूसरी पुस्तक “अ फाइन बैलेंस” (1996) सफलतापूर्वक प्रकाशित हुई। मिस्त्री का तीसरा और अंतिम उपन्यास “फेमिली मैटर्स” (2002) था।
  • अरुंधती रॉय: इस राजनीतिक कार्यकर्ता ने अपने पहले उपन्यास “द गॉड ऑफ स्मॉल थिंग्स” के लिए 1997 में बुकर्स पुरस्कार जीता। यह एक गैर प्रवासी भारतीय लेखक की सबसे अधिक बिकने वाली किताब थी। अरुंधती रॉय को मैन बुकर पुरस्कार के अलावा अन्य कई पुरस्कार भी मिले हैं जिसमें 2006 में मिला हुआ साहित्य अकादमी पुरस्कार सबसे अधिक महत्वपूर्ण है।
  • किरण देसाई: किरण देसाई की बेटी अनीता देसाई ने अपने दूसरे और अंतिम उपन्यास “द इन्हेरिटेंस ऑफ लॉस” के लिए 2006 में बुकर्स पुरस्कार जीता। उनकी पहली पुस्तक “हुल्लाबलू इन द ग्वावा ऑर्चर्ड” की आलोचना सलमान रश्दी जैसे लेखकों द्वारा की गई।
  • इंद्रा सिन्हा: यह ब्रिटिश भारतीय लेखक वर्ष 2007 में भोपाल गैस कांड पर इनके द्वारा लिखे गए उपन्यास – एनीमल्स पीपल के कारण फ़ाइनल सूची में थे।
  • अरविंद अड़ीगा: वर्ष 2008 लगातार तीसरा वर्ष था जब भारतीय उपन्यासकार बुकर पुरस्कार के लिए नामांकित हुआ था – और यह चेन्नई के रहने वाले अरविंद अड़ीगा को उनके पहले उपन्यास “द व्हाईट टाइगर” के लिए मिला था। इस उपन्यास ने अड़ीगा को बुकर पुरस्कार प्राप्त करने वाला दूसरा सबसे छोटा लेखक बनाया। वे चौथे ऐसे लेखक थे जिन्हें अपने पहले उपन्यास के लिए ही बुकर पुरस्कार मिला है।
  • अमिताव घोष: वर्ष 2008 में ही बंगाली लेखक अमिताव घोष को उनके छटवें उपन्यास “सी ऑफ पोप्पिएस” के लिए सूची में नामांकित किया गया, अर्थात एक ही वर्ष में दो भारतीयों को नामांकित किया गया। वर्ष 2007 में भारत सरकार द्वारा उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया।
  • जीत थाईल: प्रसिद्ध भारतीय उपन्यासकार, कवि और संगीतकार जीत थाईल जिन्हें 2012 में मेन बुकर पुरस्कार की सूची में शामिल किया गया। यह उनके पहले उपन्यास के लिए था जो केवल काल्पनिक था – “नार्कोपोलीस”। यह 1970 में मुंबई के एक व्यक्ति की कहानी है जो अफ़ीम के नशे में जाने और बाहर आने का वर्णन करती है।

This post was last modified on February 6, 2018 10:33 am

You just read: Indian Booker Prize Winners List In Hindi - AWARDS GK Topic

View Comments

Recent Posts

22 अक्टूबर का इतिहास भारत और विश्व में – 22 October in History

आईये जानते हैं भारत और विश्व इतिहास में 22 अक्टूबर यानि आज के दिन की महत्वपूर्ण घटनाओं के बारे में।…

October 22, 2020

भारत और विश्व के अन्य देशों के बीच हुए प्रमुख संयुक्त सैन्य युद्धाभ्यासों की सूची

भारत के महत्वपूर्ण संयुक्त सैन्य अभ्यास: (List of Important Joint Military Exercises of India in Hindi) सैन्य अभ्यास या परीक्षण किसे कहते…

October 21, 2020

भारतीय थलसेना के अध्‍यक्षों के नाम और उनके कार्यकाल की सूची

भारतीय थलसेना के प्रमुखों के नाम और उनका कार्यकाल: (List of Indian Army Chiefs in Hindi) भारतीय थल सेना: संख्या के…

October 21, 2020

मानव शरीर में होने विभिन्न प्रकार रोगों के नाम हिंदी व अंग्रेजी में

भिन्न प्रकार रोगों के हिन्दी और अंग्रेजी नाम: (Name of Different Diseases in English and Hindi ) रोग किसे कहते है?…

October 21, 2020

21 अक्टूबर का इतिहास भारत और विश्व में – 21 October in History

आईये जानते हैं भारत और विश्व इतिहास में 21 अक्टूबर यानि आज के दिन की महत्वपूर्ण घटनाओं के बारे में।…

October 21, 2020

विश्व आयोडीन अल्पता दिवस (21 अक्टूबर)

विश्व आयोडीन अल्पता दिवस (21 अक्टूबर): (21 October: World Iodine Deficiency Day in Hindi) विश्व आयोडीन अल्पता दिवस कब मनाया जाता है?…

October 20, 2020

This website uses cookies.