डिजिटल इंडिया योजना का अर्थ, घटक, प्रमुख उद्देश्य और लाभ

General Knowledge: Digital India Project Information In Hindi

डिजिटल भारत (इंडिया) अभियान का अर्थ, मुख्य उद्देश्य और लाभ: (Rules, Objectives and Advantages of Digital India Project full information in Hindi)

आइए जानते हें की डिजिटल इंडिया क्या है और डिजिटल इंडिया प्रोजेक्ट के विभिन्न फायदे:

स्कूल के बच्चे इस पोस्ट की सहायता से डिजिटल इंडिया पर निबंध या Essay भी लिख सकते है, आइए जानते है कि आपके लिए इस पोस्ट में क्या-2 जानकारी दी गयी है:

Table of Content:

डिजिटल इंडिया योजना क्या है? (What is Digital India Project)

डिजिटल इंडिया भारत सरकार द्वारा शुरू किया हुआ एक बहुत ही महत्वाकांक्षी कार्यक्रम है, जिसका मुख्य उद्देश्य देश के सभी सरकारी विभागों को देश की जनता के साथ डिजिटल रूप से जोड़ना है। भारत सरकार का आशय इस प्रोजेक्ट के माध्यम से यह सुनिश्चित करना है कि बिना कागज के इस्तेमाल के सरकारी सेवाएं इलेक्ट्रॉनिक रूप से जनता तक पहुंच सकें।

डिजिटल इंडिया प्रोजेक्ट के घटक (Components of Digital India Project)

डिजिटल इंडिया के तीन मुख्य घटक हैं-

  • डिजिटल आधारभूत ढाँचे का निर्माण करना।
  • इलेक्ट्रॉनिक रूप से सेवाओं को जनता तक पहुंचाना।
  • डिजिटल साक्षरता।

डिजिटल इंडिया प्रोजेक्ट की शुरुआत: जाने कब और किसने शुरू किया डिजिटल भारत अभियान?

देश में डिजिटल ढांचे में बुनियादी सुधार के लिए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिल्ली के इंदिरा गाँधी इंडोर स्टेडियम में 1 जुलाई 2015 को डिजिटल इंडिया प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई। इस अभियान के उद्घाटन के समय देश के तमाम बड़े उद्योगपति जिनममें टाटा ग्रुप के पूर्व अध्यक्ष साइरस मिस्त्री, रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन मुकेश अम्बानी और विप्रो के अध्यक्ष अजीम प्रेमजी मौजूद थे।

देश में डिजिटल ढांचे को और मज़बूत करने के लिए रिलायंस ग्रुप के अध्यक्ष मुकेश अम्बानी ने डिजिटल इंडिया में 2.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश करने का ऐलान किया जबकि उद्योगपति कुमारमंगलम बिड़ला ने पांच साल में 12,000 करोड़ रुपये से ऊपर के निवेश की घोषणा की।

डिजिटल इंडिया प्रोग्राम के मुख्य उद्देश्य: (Aim of the Digital India programm)

भारत सरकार द्वारा जुलाई 2015 में आरम्भ किए गए डिजिटल इंडिया प्रोजेक्ट का प्रमुख उद्देश्य देश के हर विभाग को इलेक्ट्रानिकली जोड़ना है। इस कार्यक्रम के लिए भारत सरकार ने 1,13,000 करोड़ का बजट रखा है। इस कार्यक्रम के तहत 2.5 लाख पंचायतों समेत 6 लाख गांवों को ब्रॉडबैंड से जोड़ने का लक्ष्य है और सरकार की योजना 2017 तक इस लक्ष्य को प्राप्त करने की है। अब तक इस योजना के तहत 55 हजार पंचायतें जोड़ी गई हैं। सरकार का दावा है कि डिजिटल इंडिया में सब कुछ ऑनलाइन होगा, सबकुछ पारदर्शी। सारी सरकारी सेवाएं आसान होंगी और जनता और सरकार के बीच दूरी कम होगी।

डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के नौ प्रमुख उद्देश्य इस प्रकार हैं:

  • ब्रॉडबैंड हाइवेज: ब्रॉडबैंड हाइवेज योजना के अंतर्गत देश के सभी गावों को इन्टरनेट से जोड़ा जायेगा ,जिसके लिए फाइबर ऑप्टिक्स केबल बिछाया जा रहा है। इसके निर्माण से अगले तीन सालों के भीतर देशभर के ढाई लाख पंचायतों को इससे जोड़ा जाएगा और लोगों को सार्वजनिक सेवाएं मुहैया करायी जायेंगी। इसमें ये लक्ष्य रखा गया है कि हर ग्राम पंचायतो को 100 एमबीपीएस की स्पीड से ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी प्रदान कराना है।
  • सभी के लिए मोबाइल कनेक्टिविटी : इस योजना के अंतर्गत देश के ग्रामीण इलाकों में मोबाइल फोन की सुविधा उपलब्ध कराना है। देशभर में लगभग सभी शहरी इलाको में प्रत्येक नागरिक के पास मोबाइल की सुविधा है परन्तु अधिकतर गावों में अभी तक ज्यादातर नागरिकों के पास मोबाइल की सुविधा नही है। जून, 2014 तक भारत में तकरीबन सवा अरब की आबादी में मोबाइल फोन कनेक्शन की संख्या करीब 80 करोड़ थी। इस योजना के माध्यम से देश के 55,000 गांवों में अगले 5 सालो के भीतर मोबाइल संपर्क की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए 20,000 करोड़ के यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन फंड (यूएसओएफ) का गठन किया गया है। इससे ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए इंटरनेट और मोबाइल बैंकिंग के इस्तेमाल में आसानी होगी।
  • पब्लिक इंटरनेट एक्सेस प्रोग्राम: इस योजना के अंतर्गत सभी सरकारी विभागों को भविष्य में इन्टरनेट से जोड़ा जायेगा ताकि आम आदमी तक इसकी पहुँच बढ़ाई जा सके। इस प्रोग्राम के तहत पोस्ट ऑफिस को मल्टी-सर्विस सेंटर के रूप में बनाया जाएगा। नागरिकों तक सेवाएं मुहैया कराने के लिए यहां अनेक तरह की गतिविधियों को चलाया जाएगा।
  • ई-गवर्नेस: इस योजना के अंतर्गत सूचना प्रौद्योगिकी द्वारा कारोबारी प्रक्रिया की पुनर्रचना में और सुधार लाना है। मलतब इसमें हर तरह के आवेदन जैसी सुविधा को ऑनलाइन करना है। इसमें सभी तरह के डेटाबेस जानकारी को इलेक्ट्रॉनिक्स रूप दिया जायेगा, जिससे स्कूल प्रमाण पत्रों, वोटर आइडी कार्डस, यूआइडीएआइ (आधार), पेमेंट गेटवे (बिलों के भुगतान) और ड्राइविंग लाइसेंस आदि का आवश्यकता अनुसार ऑनलाइन कही भी और कभी भी इस्तेमाल कर सकेंगे।
  • ई-क्रांति: ई-क्रांति योजना में अनेक बिंदुओं को फोकस किया गया है। ई-एजुकेशन के माध्यम से सभी स्कूल-कॉलेज को ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी दी जाएगी, उन्हें फ्री वाई-फाई की सुविधा दी जाएगी। सभी तरह के कोर्स को ऑनलाइन किया जायेगा। इसके साथ ही स्वास्थ्य के क्षेत्र में ई-हेल्थकेयर सुविधा द्वारा ऑनलाइन मेडिकल, ऑनलाइन मेडिसिन सप्लाई, मरीजो का ऑनलाइन जानकारी जैसी सुविधा मिलेगी। न्याय के क्षेत्र में ई-कोर्ट, ई-पुलिस, साइबर सिक्यूरिटी, इ-जेल, इ-प्रॉसिक्यूशन की सुविधा तथा  वित्तीय इंतजाम के तहत किसानो के लिए मंडीभाव, लोन, मोबाइल बैंकिंग, माइक्रो-एटीएम प्रोग्राम जैसी अनेक सुविधाए नागरिकों को मिलेगी।
  • सभी के लिए जानकारी: इस कार्यक्रम के तहत सरकार अपनी सभी जानकारी वेबसाइट और सोशल मीडिया द्वारा प्रत्येक नागरिको को देगी, इसके लिए ओपन डाटा प्लेटफॉर्म मुहैया कराया जाएगा, जिसके माध्यम से नागरिक सूचना तक आसानी से पहुंच सकेंगे। हर नागरिक को टू-वे कम्युनिकेशन की सुविधा भी दी जाएगी।
  • इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में आत्मनिर्भरता: ‘नेट जीरो इंपोर्ट्स’ लक्ष्य के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र से जुड़े सभी उपकरणों जैसे: मोबाइल, टी.वी. एसी, फ्रिज, कूलर, पंखे, बल्ब, फैब-लेस डिजाइन, सेट टॉप बॉक्स, वीसेट, उपभोक्ता और मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक्स, स्मार्ट एनर्जी मीटर्स, स्मार्ट कार्डस, माइक्रो-एटीएम आदि का निर्माण देश में ही किया जाएगा ताकि 2020 तक इलेक्ट्रॉनिक्स के मामले में आत्मनिर्भरता हासिल की जा सके।
  • रोजगारपरक सूचना प्रौद्योगिकी: कौशल विकास के मौजूदा कार्यक्रमों के अनुसार देश में संचार सेवाएं मुहैया कराने वाली कंपनियां ग्रामीण व शहरी कार्यबल को अपनी जरूरतों के मुताबिक प्रशिक्षित करेंगी। गांवों व छोटे शहरों में लोगों को आइटी से जुड़े जॉब्स के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके लिए दूरसंचार विभाग को नोडल एजेंसी बनाया गया है।
  • अर्ली हार्वेस्ट कार्यक्रम: इसके अंतर्गत डिजिटल इंडिया कार्यक्रम को आगे बढ़ाने के लिए सरकार ने कुछ नियम बनाये है जिसको पुरे देश में लागू किया जायेगा। सबसे पहले सूचनाओ के लिए आईटी प्लेटफार्म बनाया जायेगा। सभी विभागों में बायोमेट्रिक्स अटेंडेंस की सुविधा लागु किया जायेगा। सभी यूनिवर्सिटी में वाई-फाई की सुविधा होगी। सरकारी ईमेल की सुविधा दी जाएगी। सार्वजनिक वाई-फाई हॉटस्पॉट की सुविधा करायी जाएगी। मौसम विभाग द्वारा मोबाइल से आपदा की चेतावनी देने के लिए टीम बनायीं जाएगी। सभी स्टूडेंट्स के लिए किताबो का ई-बुक बनाया जायेगा। खोये-पाये बच्चो के लिए एक पोर्टल बनाया जायेगा, जिससे किसी भी बच्चे को खो जाने पर उसे उसके घर तक पहुचने में सहायक होगी।

डिजिटल इंडिया योजना के लाभ: (Advantages of Digital India Scheme in Hindi)

डिजिटल इंडिया प्रोजेक्ट के मुख्य लाभ निम्नलिखित है:-

  • डिजिटल इंडिया प्रोजेक्ट के तहत देश के हर नागरिक के सभी कागज व प्रपत्रों के विवरणों (डाटा) को इलेक्ट्रॉनिक मोड में रखना है, जिससे की देश की संपत्ति की चोरी होने का संभावना बहुत कम हो जाएगी।
  • डिजिटल इंडिया प्रोजेक्ट के तहत विभिन्न प्रकार के कार्य जैसे: बिजली का बिल, पानी का बिल, मोबाइल का बिल, सेट टॉप बॉक्स रिचार्ज आदि का भुगतान घर पर बैठकर ही कर सकते है, जिससे समय की काफी बचत होगी।
  • सरकार द्वारा देश में विभिन्न प्रकार की योजनाये (स्कीम) चलाई जा रही है। इन स्कीमों के तहत गरीब और जरुरत लोगों को विभिन्न मदद प्रदान की जाती है, परन्तु पर्याप्त जानकारी ना मिलने के कारण वे लोग इन योजनाओं का लाभ उठाने से वंचित रह जाते है और बीच में ही स्कीम के अनुसार अयोग्य लोग इसका फाईदा उठा लेते थे। डिजिटल इंडिया प्रोजेक्ट के तहत भारत सरकार अपनी सभी प्रकार की योजनाओं की जानकारी वेबसाइट और सोशल मीडिया द्वारा प्रत्येक नागरिको को देगी, जिससे वे सही जानकारी प्राप्त करके योजनाओं का लाभ उठा सके।
  • डिजिटल इंडिया प्रोजेक्ट के कारण सभी कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी। सभी प्रकार की जानकारी ऑनलाइन होने के कारण रिश्वत जैसे कार्य कम हो जायेंगे। अतः इससे भ्रष्ट्राचार को रोका जा सकता हैं।
  • डिजिटल इंडिया प्रोजेक्ट के माध्यम से देश के कृषि क्षेत्र को कई प्रकार के लाभ प्राप्त होगे। जब सभी किसानों को इन्टरनेट के माध्यम से कृषि उत्पादन, मुद्रा सम्बन्धी सभी विवरण और बिक्री मूल्यों की सही और पर्याप्त जानकारी उपलब्ध होगी तो किसान अपने अनाज उत्पादों का सही मूल्य प्राप्त कर सकेंगे जिससे सरकार और बिचोलियों के बीच की कालाबाजारी समाप्त हो जाएगी।
  • डिजिटल इंडिया प्रोजेक्ट के तहत सभी चीजे ऑनलाइन हो जाएगी जिससे युवा लोगो के लिए रोजगार के नए अवसर प्राप्त होगे और देश में रोजगार बढ़ेगा।
  • डिजिटल इंडिया प्रोजेक्ट के कारण ज्यादातर लोग अपने सभी लेनदेन कार्ड पेमेंट या नेट बैंकिंग से करेंगे जिससे लोगो के प्रति नकारात्मक सोच कम होगी और इनका प्रयोग बढ़ेगा तथा कालाबाजारी कम होगी, जिससे देश की अर्थव्यवस्था में सुधार आएगा।

डिजिटल इंडिया प्रोजेक्ट की मुख्य चुनौतियां: (Key Challenges of Digital India Project in Hindi)

भारत सरकार के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम डिजिटल इंडिया प्रोजेक्ट के सामने कई बड़ी और मुश्किल चुनौतियां कड़ी है, जिनमे ये मुख्य है:

  • देश की कई हिस्सों में इन्टरनेट स्पीड की बड़ी मुसीबत है, जो डिजिटल इंडिया के लिये एक बड़ी बाधा बनी है।
  • देश में तकनीकी की कमी।
  • बच्चों पर इन्टरनेट की व्यवहार की आजादी पर ख़तरा के चलते डिजिटल इंडिया के बारे में सोचने के लिए मजबूर कर रहा है।
  • देश में बिजली की परेशानी भी डिजिटल इंडिया की सफलता में एक बड़ी रुकावट है।

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